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भ्रष्टाचार पर चला ‘बाबा’ का बुलडोजर: बस्ती की RI सीमा गौतम सस्पेंड..? दलालों के सिंडिकेट का भंडाफोड़!

खटारा गाड़ियों को दी 'रिश्वत की संजीवनी': फर्जी लाइसेंस की मास्टरमाइंड RI सीमा गौतम सस्पेंड, गोरखपुर से बस्ती तक फैला था पाप का जाल!

अजीत मिश्रा (खोजी)

भ्रष्टाचार की ‘फिटनेस’ फेल: बस्ती में तैनात RI सीमा गौतम सस्पेंड? शासन की हंटर से महकमे में हड़कंप

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)

  • परिवहन विभाग में बड़ा धमाका: निलंबित हुई RI सीमा गौतम..? 200 अनफिट गाड़ियों को ‘फिट’ करने वाली अफसर पर शासन की बड़ी स्ट्राइक!
  • बस्ती: RI सीमा गौतम पर गिरी गाज, भ्रष्टाचार और दलाली के खेल का हुआ अंत!
  • RI सीमा गौतम सस्पेंड ?: मनचाहे बाबू और चहेते दलाल भी रडार पर, फर्जीवाड़े की फाइलों ने खोली पोल!

बस्ती। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का कड़ा संदेश देते हुए बस्ती में तैनात संभागीय निरीक्षक (RI) सीमा गौतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फर्जी लाइसेंस और अनफिट वाहनों को ‘फिट’ करने के खेल में फंसी सीमा गौतम पर हुई इस बड़ी कार्रवाई ने परिवहन विभाग के भीतर चल रहे काले कारनामों की कलई खोलकर रख दी है।

गोरखपुर से बस्ती तक… शिकायतों की लंबी फेहरिस्त

सीमा गौतम का विवादों से पुराना नाता रहा है। शासन की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि गोरखपुर जनपद में तैनाती के दौरान भी इन पर गंभीर आरोप लगे थे। आरोप है कि इन्होंने नियमों को ताक पर रखकर लगभग 200 अनफिट गाड़ियों को फिट घोषित कर दिया था, जो न केवल सड़क सुरक्षा के साथ खिलवाड़ था, बल्कि सीधे तौर पर राजस्व को चूना लगाने की साजिश थी।

दलालों का ‘सिंडिकेट’ और चहेते बाबू

बस्ती में तैनाती के बाद से ही सीमा गौतम अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चाओं के केंद्र में थीं। चर्चा है कि कार्यालय में इन्होंने अपने ‘मनचाहे’ बाबुओं की एक ऐसी टीम तैयार कर रखी थी, जो दलालों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को संचालित करती थी। बिना ‘लेन-देन’ के फाइलें आगे न बढ़ना और दलालों की बेखौफ एंट्री ने विभाग की छवि को धूमिल कर दिया था।

मुख्य बिंदु: कार्रवाई के पीछे के बड़े कारण

  • फर्जी लाइसेंस मामला: अपात्र लोगों को अवैध तरीके से लाइसेंस जारी करने के खेल का पर्दाफाश।
  • अनफिट को फिटनेस: जानलेवा साबित होने वाली खटारा गाड़ियों को कागजों पर दुरुस्त बताकर पास करना।
  • साठ-गांठ का साम्राज्य: दलालों और चहेते कर्मचारियों के साथ मिलकर अवैध वसूली का नेटवर्क चलाना।

“शासन की इस कार्रवाई से बस्ती परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। चर्चा है कि अभी कई और ‘सफेदपोश’ कर्मचारी और बिचौलिए जांच की रडार पर हैं, जिनकी गर्दन बहुत जल्द कानून के शिकंजे में होगी।”

निष्कर्ष : सीमा गौतम का निलंबन उन अधिकारियों के लिए खुली चेतावनी है जो सरकारी कुर्सी को निजी कमाई का जरिया समझते हैं। अब देखना यह है कि क्या इस निलंबन के बाद विभाग के भीतर जड़ें जमा चुके दलाली के इस तंत्र को पूरी तरह उखाड़ा जा सकेगा या फिर यह केवल एक चेहरे पर हुई कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाएगी।

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